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इनकम टैक्स के नियमों से वाकिफ होंगे तो टैक्स बचाना आसान होगा साथ ही समय पर रिटर्न फाइल करके आप जुर्माने से भी बच सकते हैं.आपको बता दें कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में इनकम टैक्स के नियमों में कई बदलाव किए गए. 

इस साल स्टैंडर्ड डिडक्शन को इनकम टैक्स में शामिल किया गया है. इनकम टैक्स के नियमों में 6 बड़े बदलाव हुए हैं जिसे आपको जानना बेहद जरूरी है. अगर आप नए नियमों से वाकिफ होंगे तो टैक्स बचाना आसान होगा साथ ही नियमों की अनदेखी भी नहीं होगी. आइए आपको बताते हैं कि 2018 में इनकम टैक्स के नियमों में क्या बदलाव हुए?

1. इनकम टैक्स रिटर्न में देरी पर जुर्माना- नए साल में टैक्स रिटर्न फाइल करने में देरी करने पर आपको जुर्माना भरना होगा. ये जुर्माना एक हजार रुपये से लेकर 10 हजार के बीच हो सकता है.

2. इनकम टैक्स रिटर्न में सुधार- अगर टैक्स रिटर्न भरने में किसी तरह की गलती हुई है तो उसे उसी फाइनेंशियल ईयर में सुधारना होगा. इसलिए, अगर आपने टैक्स रिटर्न फाइल में कोई गलती की है तो 31 मार्च 2019 से पहले उसे ठीक कर लें.

3. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में अहम बदलाव किए गए हैं. NPS विदड्रॉल को टैक्स फ्री कर दिया गया है. हालांकि इसके लिए जरूरी है कि बची हुई 40% राशि का इस्तेमाल पेंशन लेने के लिए किया जाए. पहले इस पर आंशिक तौर पर टैक्स लगता था.

4. स्टैंडर्ड डिडक्शन- इस साल सरकार ने एक बार फिर स्टैंडर्ड डिडक्शन की पेशकश की है. हालांकि इसके बदले मेडिकल खर्च और ट्रांसपोर्ट अलाउंस को हटा दिया गया है. अब आप टैक्स रिटर्न भरते समय 40000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ उठा सकते हैं.

5. सेस में बढ़ोतरी- आयकर पर सेस में इस साल 1% की वृद्धि की गई है. पहले 3% सेस लगता था, जबकि इस साल इसे बढ़ाकर 4% कर दिया गया है. सेस में हुई इस बढ़ोतरी से मिली राशि को शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए खर्च किया जाएगा.

6. सीनियर सिटिजन को राहत- सीनियर सिटिजन को आयकर कानून की धारा 80टीटीबी के तहत ब्याज से होने वाली 50000 रुपये तक की आय पर टीडीएस नहीं देना होगा. अगर बैंक ने ये राशि काट ली हो तो रिटर्न फाइल करके इसे वापस पाया जा सकता है.

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